संस्था की स्थापना 6 जुलाई 1996

उत्तर प्रदेश राज्य सेवा में सेवारत अधिकारी सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अंतर्गत संस्था का पंजीकरण

डॉक्टर यशपाल सिंह (प्रथम अध्यक्ष) के प्रथम संदेश का मुख्य सारांश

ग्रामीण समाज कृषि प्रधान समाज है । जनसंख्या का 80 पर्सेंट भात ग्रामीण अंचल में निवास करता है तथा लगभग 72 पर्सेंट जनसंख्या खेती पर निर्भर है । लेकिन कालांतर में जोत का आकार घटने से अब 90 पर्सेंट किसान सीमांत अथवा लघु कृषक की श्रेणी में आए हैं, जिनके पास कुल कृषि योग्य भूमि का 50 पर्सेंट भाग ही है और 73 पर्सेंट सीमांत कृषक प्राय: सभी ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं । वैसे ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या कि 31 पर्सेंट लोग ही मुख्य कर्मी हैं और लगभग 22 पर्सेंट लोग कार्य के अभाव में फ़ालतू हैं । ऐसी स्थिति में कम से कम जीविकोपार्जन उन्मुखी रोज़गार सृजन की अत्यंत आवश्यकता है ।

इस संस्था के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं :

  • आपसी पारिवारिक जानकारी प्राप्त कर भ्रातृभाव तथा सहयोग की भावना सुदृढ़ करना ।
  • ग्रामीण सांस्कृतिक की धरोहर को सुरक्षित रखना ।
  • युवा वर्ग में प्रतिभा विकास की प्रेरणा जाग्रत करना ।
  • ग्रामीण समाज में सामाजिक, आर्थिक तथा शैक्षिक विकास का प्रयास करना ।
  • समाज में जन सेवा तथा राष्ट्रीय एकता की भावना का प्रतिपादन करना ।
  • राजनीतिज्ञों, बुद्धीजीवियों तथा समाज सेवियों के विचार तथा शासकीय कार्यक्रमों के बीच प्रभावी सेतु स्थापित करना ।
संस्थापक सदस्य और प्रथम कार्यकारिणी समिति - 1996
नामधारित पद
डॉक्टर यशपाल सिंहअध्यक्ष
श्री जयपाल सिंहउपाध्यक्ष
श्री जगजीत सिरोहीउपाध्यक्ष
श्री सुरेन्द्र कुमार वर्मामहासचिव
श्री अनिल राजकुमार सेहरावतसचिव संगठन
श्री आर एस निर्वाणसचिव वित्
डॉक्टर प्रमोद कुमार पँवारसचिव प्रचार
श्री ओम सिंह वर्मासचिव सांस्कृतिक
श्री महिपाल सिरोहीसंप्रेषक
श्री आर के सिरोहीसदस्य कार्यकारिणी
डॉक्टर डी पी सिंहसदस्य कार्यकारिणी
श्री महेन्द्र सिंहसदस्य कार्यकारिणी
श्री कप्तान सिंहसदस्य कार्यकारिणी
श्री नरेन्द्र सिंहसदस्य कार्यकारिणी
श्री विजय सिंहसदस्य कार्यकारिणी
श्री बी एस ढाकासदस्य कार्यकारिणी
श्री रघुवंश सिंह राणासदस्य कार्यकारिणी
डॉक्टर नवाब सिंहसदस्य कार्यकारिणी
श्री प्रियव्रत आर्यासदस्य कार्यकारिणी
मेजर जनरल सोलंकीसदस्य कार्यकारिणी
श्री महेश सिंहसदस्य कार्यकारिणी