संस्था का नाम: ग्रामीण क्षेत्र अधिकारी कल्याण परिषद
संस्था का पता: ए 1/9 विकास खंड गोमती नगर लखनऊ
संस्था का कार्यक्षेत्र: संपूर्ण उत्तर प्रदेश
संस्था की स्थापना: 6.जुलाई.1996
उद्देश्य
संस्था के निम्नलिखित उद्देश्य हैं:
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र से आए अधिकारियों में आपसी भ्रातृभाव एवं सहयोग को प्रोत्साहित करना ।
ग्रामीण संस्कृति को पुनर्जीवित करना ।
ग्रामीण संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना ।
सदस्यों वे उनके प्रियजनों में निहित प्रतिभा का विकास करना और इस संदर्भ में संगोष्ठी, वाद-विवाद, चित्रकला, प्रतियोगिताएं आयोजित करना ।
ग्रामीण खेल तथा कबड्डी, कुश्ती, वालीवाल, तैराकी आदि का आयोजन एवं प्रोत्साहन करना ।
ग्रामीण क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए प्रयास करना ।
ग्रामीण समाज एवं अन्य समाजों के बीच भातृ भाव की भावना को प्रोत्साहन देना तथा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना ।
सदस्यों एवं परिवार जनों में जनसेवा के कार्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना एवं जवाब देही की भावना का जागृत करना ।
ऐसे कार्यक्रमों को अपनाना जिसके द्वारा सदस्यों के कल्याण के साथ साथ जन कल्याण का लक्ष्य प्राप्त हो सके ।
सदस्यता
(क) संस्था की सदस्यता के लिए पात्रता:
उत्तर प्रदेश राज्य सेवाओं में सेवारत या सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी ।
अभिकरणों, निकायों, स्वायत्तशासी एवं सहकारी संस्थाओं तथा सार्वजनिक उपकरणों में सेवारत प्रस्तर एक के समकक्ष अधिकारी ।
केंद्रीय सरकार एवं केन्द्रीय सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों वह प्रतिष्ठानों में कार्यरत या सेवानिवृत्त समकक्ष अधिकारी।
(ख) सदस्यता प्रक्रिया: उपरोक्त प्रस्तर में पात्र अधिकारी सदस्यता शुल्क जमा करने व दो संस्थापक सदस्यों की संस्तुति उपरांत प्रबंधकारिणी संस्था का अनुमोदन होने के बाद सदस्य बन सकेंगे ।
(ग) प्रवर्तक सदस्य: दिनांक 31.1.1996 तक बनने वाले सदस्य प्रवर्तक सदस्य कहलाएंगे ।
सदस्यता समाप्ति के कारण:
मृत्यु हो जाने पर ।
पागल हो जाने पर ।
दिवालिया घोषित हो जाने पर ।
न्यायालय द्वारा किसी अपराध के लिए छह माह या अधिक का कारावास होने पर ।
प्रबंधकारिणी समिति द्वारा निष्काषित अथवा त्यागपत्र स्वीकृत हो जाने पर ।
समय से सदस्यता शुल्क जमा न करने पर (बकाया तिथि से छह माह के अंदर) ।