संक्षिप्त परिचय - ग्रामीण क्षेत्र अधिकारी कल्याण परिषद


ग्रामीण क्षेत्र अधिकारी कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ (GKAKP) जिसकी स्थापना 1996 में हुई थी जिसका स्थापना दिवस छह जुलाई को आयोजित किया जाता है । परिषद एक पंजीकृत, स्वैच्छिक एवं ग़ैर राजनीतिक संगठन है । इसमें प्रमुख रूप से राजपत्रित अधिकारी एवं उनके समकक्ष अधिकारी ( सेवारत एवं सेवानिवृत ) शामिल हैं, जो लगभग 35 से अधिक विभिन्न विभागों से संबंधित हैं । परिषद के सदस्य जनसेवा, ग्रामीण विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित हैं ।

परिषद का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण, शैक्षिक जागरूकता और कृषि विकास को बढ़ावा देना है । यह संस्था संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं सेवा गतिविधियों के माध्यम से नागरिक उत्तरदायित्व, विभागीय समन्वय और मूल्यनिष्ठ विकास को प्रोत्साहित करती है । वर्षों से परिषद एक सक्रिय मंच के रूप में कार्य कर रही है, जो विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी सहयोग, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के लिए एकत्रित करता है ।

परिचय

"ग्रामीण क्षेत्रीय अधिकारी कल्याण परिषद, उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण संगठन, जो 1996 से ग्रामीण विकास एवं सामाजिक कल्याण में अग्रणी है। हमारे मुख्य उद्देश्य हैं ग्रामीण संस्कृति का संरक्षण, शिक्षा जागरूकता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना।"

मिशन

"उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध। हम संगोष्ठियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद के माध्यम से सामाजिक उन्नयन को प्रेरित करते हैं।"

हमारा कार्य

"हमारे कार्यक्रम ग्रामीण जीवन को सम्मानित, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और समुदाय के बीच सहयोग व एकता को मजबूत करते हैं। सदस्य एवं परिवारों का सामूहिक विकास हमारा उद्देश्य है।"

हमारे उद्देश्य

"ग्रामीण प्रतिभाओं का विकास, सांस्कृतिक पुनर्जीवन, खेलकूद एवं शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण समाज का संपूर्ण विकास। साथ ही, हमें राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता पर विश्वास है।"

हमारे प्रिये सदस्य

"सोशल सेवा में समर्पित और ग्रामीण भारत की मजबूती के लिए काम कर रहे अधिकारी हमारे प्रेरणा हैं। मिलकर हम ग्रामीण विकास का सपना साकार कर रहे हैं।"

सहयोग और समन्वय

"अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक मंच पर, ताकि मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बदलाव लाया जा सके। हम सहयोग को जीवन का आधार मानते हैं।"